Auto level03/U1S4/cbse/Tuning of Ignition System

  

 

                 Tuning of ignition system

  



Q.1. What is ignition system? What is its main components?

(इग्निशन सिस्टम क्या है? इसके मुख्य भाग की हैं?

Ans:- Ignition is used to convert 12 volt to 20,000 volt foe creating spark to burn the fuel. Its main components include Ignition Coil, HT Leads, Spark Plug, Distributor,  Ignition Switch etc. 

(इग्निशन सिस्टम का प्रयोग फ्युल को जलाने वाली स्पार्क पैदा करने के लिए 12 वोल्ट के करंट को 20000 वोल्ट के करंट में बदलने के लिए किया जाता है। इसके मुख्य भागों में इग्निशन coil, एच टी लीड, स्पार्क प्लग, डिस्ट्रीब्यूटर, इग्निशन स्विच आदि आते हैं।)

 

Q.2.What are LT and HT leads?

(एल.टी.लीड एवं एल.टी.लीडम क्या है)

Ans. LT leads:-The thin wires and their connections will supply the current between 12 volt and are called low tension leads.

HT leads:-The wires which are thick will supply the current of 25-25000volt and are called High tension.

(एल.टी.लीड :-पतली तारें एवं उनके कनैक्शन जो कि 12 वोल्ट तक का करंट सप्लाइ करते है,एल टी (न्यू टेंशन )लीड कहलाते हैं।)

(एच.टी.लीड:- ऐसी तारें जो मोटी होती  है और 20 से 25000 तक कि वोल्ट का करंट सप्लाइ करती है हाई टेंशन लीड कहलाती हैं।)

 

Q.3.How the ignition system classified?

(इग्निशन सिस्टम को कैसे वर्गीकृत किया जाता है।)

Ans. Ignition system is classified in two ways i.e primary circuit with LT leads and secondary circuit with HT leads.

(इग्निशन सिस्टम को तरीकों से वर्गीकृत किया जाता है जैसे कि एल.टी.लीड के साथ प्राथमिक सर्किट और एच.टी.लीड के साथ सेकेंडरी सर्किट।)

The connection from battery to ignition switch to HT coil comes under primary circuit.

The connection from distributor till spark plug connections come under HT leads or secondary connection.

(बैटरी से इग्निशन स्विच एवं वहा से एच.टी.क्वायल को जाने वाले प्राथमिक सर्किट के अंतर्गत आते है

डिस्ट्रीबूट्र से स्पार्क प्लग तक के कनैक्शन एच.टी.लीड या सेकेंडरी कनैक्शन के अंतर्गत आते हैं।)

 

Q.4.How tuning of ignition system is done?

(इग्निशन सिस्टम को ट्यूनिंग कैसे की जाती हैं)

 

Ans.(i). First of all inspect battery terminal for loose contact.

(ii). Inspect the socket connection for slackness.

(iii). Check the connection to ignition switch.

(iv). Inspect connection at primary circuit of LT lead.

(v). Inspect the connection with pick up coil and CDI unit.

(vi). Disconnect the spark plug connection.

(vii). Now remove the distributor cap and check the HT lead for loose connections.

(viii). Check distributor contact for erosion/burn.

(ix). Inspect working of spark adranie mechanism.

(X). Clean distributor cap and fix it properly.

(xi). Using appropriate spanner lovsen the spark plug slowly from each cylinder.

(xii). Inspect the spark plug condition.

→Colour –black soot –rich mixture –cold engine.

→Dead white soot –lean mixture-hot engine

→Brownish colour –normal

(xiii). Check for eroded central electrode and make it straight to maintain air gap.

(xiv). Check for deposition and clean the plug by sand blest machine or emery paper.

(xv). Clean the spark plug thread sand apply some oil.

(xvi). Check spark plug thread and apply some oil.

(xvii). To install plug, first fix it with hand.

(xviii). Thread it smoothly and tighten the same with specified torque.

(xix). Connect the lead wire with plug.

(xx). Start the engine and check the engine.

(xxi). Detect the fault if there is any change in engine sound.

सबसे पहले बैटरि टेर्मिनेल की ढीले कंटेरेक्ट के लिए जांच करे

इग्निशन सिस्टम में लगे हुए सर्किट की ढीलेपन के लिए जांच करे।

इग्निशन स्विच के कनैक्शन की जांच करे।

एल.टी.लीड के प्राथमिक सर्किट के कनैक्शन की जांच करे।

पिक अप कवाइल एवं सी.डी.आई यूनिट के कनैक्शन की जांच करे।

स्पार्क प्लग के कनैक्शन की जांच करे।

अब डिस्ट्रीब्यूटर कंप को हटाए और एच.टी.लीड के ढीले कनैक्शन की जांच करें।

डिस्ट्रीब्यूटर के कोंटेक्ट पॉइंट की जंग होने या जले होने की जांच करे।

स्पार्क एडवांस मेकनिजम की कार्यविधि की जांच की करे।

डिस्ट्रीब्यूटर कैंप को साफ करे और इसे उचित प्रकार से लगाए।

उचित स्पेनर का प्रयोग करके प्र्त्यक सिलेंडर से स्पार्क प्लग को हटाए।

स्पार्क प्लग की स्थिति की जांच करे।

यदि रंग काला गाढ़ा पाया जाए तो समझिए मिश्रण में फ्युल की मात्रा काफी कम हैं इंजन आवश्यकता से अधिक गर्म हो रहा है।

यदि रंग सफ़ेद पाया जाए तो समझिए मिश्रण में फ्युल की मात्रा काफी कम हैं इंजन आवश्यकता से अधिक गर्म हो रहा है।

यदि रंग भूरा पाया जाए तो समझिए मिश्रण स्पार्क प्लग सामान्य साथ स्थिति में है

सेंट्रल इलेक्ट्रोड की कटे होने की जांच करे और एयर गैप को मैंटेन करने के लिए इसे सीधा कर दें।

यदि प्लग पर किसी प्रकार का जमाव हैं उसकी जांच कर सैंड ब्लास्ट मशीन या ऐमरी पेपर के दावरा प्लग को साफ करें।

स्पार्क प्लग पर किसी प्रकार का जमाव है उसकी जांच कर सैंड ब्लास्ट मशीन या एमरी पेपर के दावरा प्लग को साफ करें।

स्पार्क प्लग के थ्रेड को साफ करे और थोडा तेल लगाए

® स्पार्क प्लग की सीलिंग गास्केट वाशर की जाँच करे ,यदि ज़रूरत हो तो बदल दें

®प्लग को इंस्टोल करने से पहले,उसे हाथ से लगाए

®आराम से इसके थ्रेड चढ़ाए और इसे उचित टार्क के साथ कस दें

®लीड वायर (HT leads) को प्लग से जोड़े

®इंजन को स्टार्ट कर इसकी जांच करे

®यदि इंजन की आवाज में कोई परिवर्तन दिखाई दे तो फ़ाल्ट का पता  लगाए

 

Fill in the blanks

 

(i)The ignition system plays _______role in process of combination and ignition system convert current from _____to 20,000 volt.( इग्निशन सिस्टम कम्बशन प्रक्रिया में _____भूमिका निभाता हैं और इग्निशन सिस्टम करंट को _____से 20,000 वाल्ट में बदलता हैं)

(ii)Normal temperature of engine is in the range of ____________and _________.(इंजन का सामान्यतापमान______और ______कि रेंज में होता हैं)

(iii) ignition system is classified in two ways ______circuit with LT leads and ________circuit with HT leads .( इग्निशन सिस्टम को दो तरीको से वर्गीकृत किया जाता हैं एल .टी .लीड के साथ ____सर्किट और एच्.टी.लीड के साथ  _____ सर्किट)

 

Ans.(i) important, 12 volt (ii)75 to 80 degree centigrade (iii) Primary, Secondary  

 

 

 

 

Post a Comment

0 Comments