Retail Level02-U1-S2-Check the level of stock on sale

 

(बिक्री पर स्टॉक के स्तर की जांच करें)

 

What are the Methods of Stock control?(स्टॉक नियंत्रण के तरीके/ विधि क्या हैं?)

स्टोर संचालन में एक महत्वपूर्ण और समय लेने वाला कार्य ह स्टॉक को up to date रखना. यद्यपि इसके लिए कार्य करने और स्वयं अनुशासन की ज़रूरत होती है. एक अच्छा स्टॉक सिस्टम ग्राहकों की आवशयकताओं को आसानी से पूरा करने मे सहायक होता है तथा व्यवसाय को सफल संचालन मे सहायक होता है.

Methods of Stock Control (स्टॉक नियंत्रण के निम्नलिखित है तरीके/ विधि है):-

 

स्टॉक कंट्रोल के 3 मुख्य तरीके है जो निम्न है :-

  1. Financial Control ( वित्तीय नियंत्रण) :- इस तरीके में विश्लेषण और नियोजन मुद्रा के रूप मे विभिन्न वर्गों में किया जाता है. टोटल स्टॉकज के आँकड़े और नियोजित सेल के आँकड़े पूरे स्टोर के लिए निकले जाते हैं और बाकी बचे हुए स्टॉक का टा स्पेशल आइटम के लिए लगाया जाता है. जैसे इसमे यह पता लगाया जाता है कि कितने रुपये की टाई, कितने रुपये की शर्ट, ओए कितने रुपये की पैंट स्टॉक मे है. इसमे ये न्ही टा चलता की किस आइटम की कितनी यूनिट्स बची हैं.
  2. Unit control System ( इकाई नियंत्रण विधि) :- यह विधि Financial control System  का संशोधित रूप है. यह व्यापक वस्तु वर्गीकरण की बजाय यूनिट्स सोल्ड, इन हैंड, ओन ऑर्डर और सेल एक्सपेक्टेड की विशिष्ट जानकारी देता है.

इस विधि मे Stock Control  को Cash investment की बजाय वस्तुओं की फिज़िकल यूनिट्स मे किया जाता है.

यह एक फुल स्टॉक कंट्रोल सिस्टम नही है क्योंकि यह held stock की profitability count नही कर सकता. इसके back up मे Financial control system  रहना बहुत ज़रूरी है.

  1. Combition Control (मिश्रित नियंत्रण) :-  जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि यह विधि उपरोक्त दोनो विधियों का मिश्रण है और ये जटिल विधि है. फिर भी अधिकतर रीटेलर इस विधि से ही स्टॉक कंट्रोल का कार्य करते हैं. जो वस्तुएँ ज़्यादा Profit generate करती हैं या वो वस्तुएँ जिनको ग्राहक ज़्यादा पसंद करते हैं वे वस्तुएँ Combination Control के द्वारा कंट्रोल की जानी चाहिए क्योंकि इन वस्तुओं का Stock out स्टोर के Profits को कम कर देगा. बल्कि अगर ऐसी आइटम्स Over stock  हो जाती है तो Financial Problem खड़ी कर देती हैं.

स्टॉक खत्म होने से पहले उसकी जगह पर स्टॉक रिप्लेस करना (Replacing stock before finish the stock :-

स्टॉक रिप्लेसमेंट का अर्थ है पहले से स्टोर में रखे हुए सामान को खत्म होने से पहले ही उस सामान की नई मात्रा को स्टोर में उपलब्ध करवाना अर्थात किसी वस्तु के लिए ग्राहकों की मांग को बिना रुकावट के पूरा करने के लिए उस वस्तु को खत्म होने से पहले ही स्टोर में उसकी जगह पर उस वस्तु की नई मात्रा को रखवा देना होता है। किसी वस्तु की मात्रा खत्म होने से पहले उसकी नई मात्रा को स्टोर में कब रखवाना है उसके लिए उस वस्तु की निश्चित मात्रा के स्तर को निर्धारित कर दिया जाता है। जब भी उस वस्तु की मात्रा निर्धारित की गई मात्रा के स्तर पर पहुँचती है तब तुरंत उस वस्तु की नई मात्रा को स्टोर में उसके स्थान पर रख दिया जाता है। इस पर स्टोर संचालन सहायक की नजर रहती है जब भी किसी वस्तु की मात्रा का स्तर कम होने वाला होता है तब वह तुरंत स्टोर मैनेजर को इसके बारे में  सुचना देता है। और स्टोर मैनेजर उस वस्तु की मात्रा खत्म होने से पहले स्टोर में उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाता है।

उदाहरण के लिए किसी वस्तु को 100 संख्या में हम स्टोर में रख सकते है। और उसकी मात्रा का एक निश्चित स्तर मान लो 20 संख्या पर  निर्धारित कर दिया जाता है।  जब भी उसकी मात्रा स्टोर में 20 की संख्या के स्तर पर पहुँचेगी,  तो इसकी नई मात्रा को स्टोर में उसके स्थान पर उपलब्ध करवा दिया जाता है।

 

रिटेल में स्टॉक कंट्रोल सिस्टम को अपडेट करना। (update the stock control systems in retail)

Computerized Stock Control तकनीक Manual Control  की धारणा पर ही चलती है परन्तु बहुत विश्वसनीय व अच्छी होती है. इससे तुरंत ही वस्तु का पता चल जाता है कि कोन सी वस्तु कितनी स्टॉक मे है. एक रीटेलर स्टॉक अपडेट करने के लिए इनमे से कोई एक या दो या दो से अधिक का मिश्रण प्रयोग कर सकता है, यदि रीटेलर के पास कई प्रकार का स्टॉक है तो.

      Minimum Stock Available ( न्यूनतम उपलब्ध स्टॉक) :- इस विधि मे रीटेलर Minimum Stock Level सेट करता है. जब भी स्टॉक उस स्तर पर पहुँचता है तो वस्तुओं का Re-order कर दिया जाता है, स्टोर मे वस्तुओं की उपलब्भता बनाए रखने के लिए. इसे Re-order stock level भी कहा जाता है.

      Stock Evaluation ( स्टॉक मूल्यांकन) :- इस विधि मे Retailer स्टॉक का नियमित रिव्यू करता रहता है. हर बार मूल्यांकन के बाद रीटेलर यह निर्धारित करता है कि स्टॉक किस स्टेज पर पहुँचा है.

      Just in Time :- इस प्रकार की विधि का प्रयोग भंडारण लागत कम करने के लिए किया जाता है. इसमे स्टॉक को इकट्ठा करके नही रखा जाता. समान ऑर्डर प्राप्त होने पर ही तैयार करके दिया जाता है. जैसे Fast Food Retail Store. इस विधि को अन्य किसी विधि के साथ प्रयोग किया जा सकता है जैसे -  Re-order Lead Time.

आज का युग आधुनिक युग है इसलिए स्टॉक कण्ट्रोल से संबंधित अपडेट सॉफ्टवेयर का प्रयोग स्टोर में करना चाहिए जिसके कारण स्टॉक से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सके।

 

Post a Comment

0 Comments