Retail Level02-U1-S3-Respond and Communicate appropriately to customers

 

  (ग्राहकों को उचित जवाब देना और संवाद करना)

 

 

खुदरा स्टोर (retail store) का मुख्य कार्य थोक में उत्पादों को खरीदना और उन्हें अंतिम उपयोगकर्ता (end user) को कम मात्रा में बेचना है। स्टोर संचालन सहायक (store operations assistant) का यह कर्तव्य है कि वह ग्राहकों के प्रश्नों, शिकायतों या सुझावों या सहायता मांगने वाले ग्राहकों से संबंधित किसी मुद्दे पर तुरंत ग्राहकों के साथ प्रतिक्रिया करे।

 

खुदरा स्टोर को यह सुनिश्चित करना होता है कि वे जो उत्पाद पेश करते हैं, वे ग्राहक की वर्तमान मांग के लिए उपयुक्त हैं। खुदरा विक्रेता को अपने मौजूदा (existing) और संभावित (prospective) ग्राहकों से उचित मीडिया/संचार के तरीके के चयन के बारे में सावधान रहना चाहिए। हालांकि, यह ग्राहकों के प्रकार पर निर्भर करता है कि ग्राहकों के साथ संवाद करने का कौन सा तरीका सबसे अच्छा है।

 

संचार के तरीकों के बारे में चर्चा करने से पहले, हमें ग्राहकों के प्रकारों को समझना चाहिए। यह रिटेलर को ग्राहकों के साथ संवाद करने में मदद करेगा। वे इस प्रकार हैं:

 

1.     लॉयल कस्टमर (Loyal Customer):- वफादार ग्राहक वे होते हैं जो किसी भी चीज की आवश्यकता होने पर हमेशा आपके स्टोर पर आएंगे। कई बार ग्राहक जानते हैं कि स्टोर में वह उत्पाद नहीं हो सकता है, लेकिन वे उसी के बारे में राय लेना चाहते हैं कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार कहां से खरीदते हैं। सेवा प्रभावशीलता और उनकी राय का मूल्यांकन करने के लिए उनके साथ अक्सर संवाद करें।

2.     चंचल ग्राहक (Fickle Customer):- इस प्रकार के ग्राहक आमतौर पर किसी उत्पाद की कीमत और उससे जुड़े सभी ऑफ़र मांगते हैं और कई स्टोरों के जाकर प्रोडक्ट के बारे में जानकारी इक्क्ठा करते है और तब उनमे से बेस्ट जो ऑफर लगता है उस स्टोर से सामान खरीदते है। इस प्रकार के ग्राहकों के बारे में एक बिक्री व्यक्ति (sales person) को यह पहचानने की जरूरत है कि उन्हें अपने वर्तमान पसंदीदा विक्रेता के बारे में क्या पसंद है और वे उस विक्रेता के बारे में क्या पसंद नहीं करते हैं। फिर एक ऐसी योजना बनाएं जो उनका विश्वास और वफादारी हासिल करे। सकारात्मक तरीके से, दिखाएं कि आप उनके वर्तमान विक्रेता से कैसे बेहतर हैं।

3.      नए ग्राहक (New Customer):- ये ग्राहक वे लोग हैं जिन्हें आप पहली बार देख रहे हैं अर्थात जो लोग पहली बार स्टोर में सामान खरीदने के लिए आते है वे नए ग्राहक कहलाते है।

 

Appropriate ways to communicating with customers  (ग्राहकों के साथ संवाद करने के लिए उपयुक्त तरीके)

 

1. ग्राहक जब स्टोर में आता है तो उसका स्वागत करना, उसे नमस्ते कहना।

2. ग्राहकों के साथ बातचीत करते समय धैर्य बनाये रखना चाहिए क्योकि स्टोर में हर प्रकार के ग्राहक आते है जैसे - कई ग्राहक गुस्सैल प्रवृति के होते है और कई शांत प्रवृति के होते है।

3. वस्तुओं के बारे में सही जानकारी देना।

4.  ग्राहक के साथ बातचीत करते समय रूचि दिखाना।

5. ग्राहकों के साथ बातचीत करते समय सरल और स्पष्ट भाषा का प्रयोग करना।

6. कोई भी ऐसा शब्द नहीं बोलना जिससे ग्राहक नाराज हो जाये।

7. ग्राहक को ऐसा महसूस करवाए की आप उसका भला चाहते है।

8. ग्राहकों को उचित सलाह देना।

9. ग्राहकों से बातचीत करते समय उनकी आँखों में देखना,मुस्कराना और उनके साथ बातचीत में रूचि दिखाना आदि बातों का ध्यान रखना चाहिए।

10. ग्राहकों के साथ ऐसे बातचीत करनी चाहिए जिससे उनकी वास्तविक मांग का पता लगाया जा सके।

11. ग्राहकों की समस्याओं को शांत स्वभाव से सुने और उनका समाधान निकाले।

12. जब ग्राहक शॉपिंग करके जाता है तब उसे अलविदा कहना न भूले।

 

 

ग्राहक के सवालों और टिप्पणियों का जवाब कैसे दें? (Respond customer questions and comments)?

ग्राहक के सवालों और टिप्पणियों का जवाब निम्नलिखित प्रकार से दे सकते है-

 

∙ Listen to the customer’s experience (ग्राहक के अनुभव को सुनें) - वस्तुओं को खरीदते समय ग्राहक उस वस्तु से संबंधित अपने पीछे के अनुभव को साँझा करता है तो उसे ध्यान से सुने यदि उस वस्तु से संबंधित उसका अनुभव नकारात्मक है तब उसकी समस्या को सुनकर दूर करने का प्रयास करना चाहिए |

∙ Apologize (माफी माँगना) - यदि रिटेलर ग्राहक की समस्या को सुनकर उसे दूर नहीं कर सकता अथवा ग्राहकों की आवश्यकता को पूरा करने में समर्थ नहीं है तब रिटेलर को चाहिए की वह तुरंत कस्टमर से माफ़ी मांग ले|

∙ Focus on the solution (समाधान पर ध्यान देना) - एक रिटेलर को हमेशा कस्टमर की समस्याओं के समाधान पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि ग्राहक आप से प्रभावित हो जाये | जब कोई कस्टमर एक बार प्रभावित हो जाता है तो वह बार-2 सामान खरीदने स्टोर में जरूर आता है|

∙ Don't rush the customer (कस्टमर के साथ जल्दबाजी मत करो) - कस्टमर के साथ कभी भी रिटेलर जल्दबाजी ना करे यदि रिटेलर ऐसा करता है तो कस्टमर को लगेगा की यह मुझे धोखा देने की कोशिश कर रहा है या फिर उसको लगता है की रिटेलर मुझे अहमियत नहीं दे रहा वह सिर्फ वस्तु को कस्टमर पर थोपना चाहता है | इसलिए सबसे पहले कस्टमर की बात को सुने फिर उसके अनुसार वस्तु उपलब्ध करवाए |

∙ Find complaints before they find you (आपको ढूंढने से पहले वे शिकायतों को खोजते हैं) - कस्टमर जब किसी वस्तु को प्रयोग में लाता है तभी उस वस्तु से संबंधित समस्याओं के बारे में जान पाता है उसके बाद ही आपके पास पहुँचता है इसलिए रिटेलर को हमेशा कस्टमर की समस्याओं को हल करने के लिए तैयार रहना चाहिए |

 

Communicate information to customers regarding (नीचे दिए गए बिंदुओं के बारे में ग्राहकों को जानकारी देंना) -

A. Information regarding products and services (प्रोडक्ट्स और सेवाओं के बारे में जानकारी)

B. Recognize information (सूचनाओं को पहचानना)

C. Reason why needs or expectations not meet (जरूरतें या अपेक्षाएं पूरी क्यों नहीं होती हैं उसके कारण)

 

  1. Information regarding products and services (प्रोडक्ट्स और सेवाओं के बारे में जानकारी)कस्टमर को प्रोडक्ट्स और सेवाओं के बारे में सही और स्पष्ट जानकारी देना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है

क्योकि यदि आप कस्टमर को गलत जानकारी देंगे तो नेक्स्ट टाइम (next time) वह आपके स्टोर में सामान खरीदने के लिए नहीं आयेगा। इसलिए कस्टमर को प्रोडक्ट्स और सेवाओं के बारे में सही जानकारी

देनी चाहिए जैसे –

∙ प्रोडक्ट कि सही कीमत बताना।

∙ प्रोडक्ट का यूज कैसे करना है।

∙ प्रोडक्ट्स में कौन-2 सी विशेषताएं है।

∙ प्रोडक्ट से संबंधित वारंटी और गारंटी के बारे में बताना।

∙ प्रोडक्ट को हैंडल अर्थात उसकी देखभाल कैसे करनी है।

∙ अगर प्रोडक्ट स्टोर में उपलब्ध नहीं है तो कब तक स्टोर में उपलब्ध होगा।

∙ प्रोडक्ट से संबंधित रिटर्न पालिसी क्या है।

∙ पेमेंट करने के तरीको के बारे में बताना।

∙ यदि पेमेंट इन्सटॉलमेंट में करने कि सुविधा है तो उससे संबंधित नियम और शर्तें क्या है।

∙ प्रोडक्ट से होने वाले नुकसान के बारे में बताना।

∙ यदि होम डिलीवरी कि सुविधा उपलब्ध है तो उसकी जानकारी देना।

 

  1. Recognize information (सूचनाओं की पहचान करना) – किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस के बारे सूचनाओं को आप निम्न प्रकार से पहचान सकते है -

प्रोडक्ट और सर्विस का यूज कर अपने स्वयं के अनुभव से सूचनाओं को पहचान सकते है।

प्रोडक्ट साहित्य जैसे ब्रोशर और कैटलॉग से वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित सूचनाओं को प्राप्त किया जा सकता है।

इंटरनेट के माध्यम से

कस्टमर से प्राप्त फीडबैक से।

ट्रेड और इंडस्ट्री (trade and industry) पुब्लिकेशन्स के माध्यम से।

आंतरिक बिक्री रिकॉर्ड (internal sales records) से।

आपकी टीम के सदस्यों से।

 

 

  1. Reason why needs or expectations not meet (जरूरतें या अपेक्षाएं पूरी क्यों नहीं होती हैं उसके                                                                                                                                              कारण) – कस्टमर की जरूरतें या अपेक्षाएं निम्नलिखित कारणों से पूरी नहीं होती:-

रिटेल स्टोर को ऐसे स्थान पर स्थापित करना जहाँ कस्टमर का पहुँचना आसान ना हो।

जब रिटेलर कस्टमर की सही जरूरत का अनुमान नहीं लगा पाता।

Poor Customer Service के कारण।

Product के बारे में customer को गलत जानकारी देना।

Customer की जरूरत के अनुसार स्टोर में सामान उपलब्ध (available) नहीं होना।

Poor Product Quality के कारण।

जल्दबाजी में की गई deal के कारण।

Untrained retail staff के कारण।

 

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